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OPS Jorhat Sector: Menu
श्री पी.आर. जाम्भोलकर

श्री पी.आर. जाम्भोलकर

महानिरीक्षक, प0 जोरहाट सेक्टर

परिचालन सेक्‍टर, जोरहाट का नेतृत्‍व करना बहुत गर्व व सम्‍मान की बात है। वर्ष 2005 में स्‍थापित परिचालन सेक्‍टर, जोरहाट ने हमारे राष्‍ट्र की संप्रभुत्‍ता और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभायी है। यह  सेक्‍टर पूरे अरूणाचल प्रदेश, ऊपरी असम के 10 जिलों, बराक घाटी के चार जिलों और असम-नागालैंड विवादित क्षेत्र बेल्‍ट (डीएबी) के चार क्षेत्रों पर परिचालन क्षेत्राधिकार रखता है।

      वर्ष 2023 में, परिचालन सेक्‍टर जोरहाट को रेंज खटखटी, परिचालन रेंज डिब्रूगढ़, ग्रुप केन्‍द्र खटखटी और इसकी संबद्ध बटालियनों के प्रशासनिक नियंत्रण का कार्यभार सौंप कर इसे प्रशासनिक सेक्‍टर नामित किया गया। इसका सेक्‍टर मुख्‍यालय रणनीतिक रूप से रौवरिया, जोरहाट (असम) में स्थित है।

      भौगोलिक दृष्टि से जोरहाट उत्‍तर में ब्रह्मापुत्र नदी और दक्षिण में नागालैंड, 26°46′ उत्‍तरी अक्षांश और 96°16′  पूर्वी  देशांतर पर ब्रह्मापुत्र घाटी के मध्‍य में बसा हुआ है। जोरहाट मूल रूप से अविभाजित शिवसागर जिले का उप मंडल था जिसे 1983 में जिले का दर्जा प्राप्‍त हुआ। वर्तमान में इसमें तीन उप मंडल: जोरहाट, माजुली और टीटाबोर सम्मिलित हैं। यह क्षेत्र मुख्‍यत: हिंदू बहुल है और इसे असम में प्रथम पूर्णरूपेण साक्षर जिला होने का गौरव प्राप्‍त है।

      एक बार उग्रवाद से बुरी तरह प्रभावित इस क्षेत्र ने एक उल्‍लेखनीय परिवर्तन देखा है। परिचालन सेक्‍टर जोरहाट के सीआरपीएफ कार्मिकों के अटूट साहस, अथक दृढ़ संकल्‍प और सर्वोच्‍च बलिदान के माध्‍यम से प्रमुख उग्रवादी खतरों को खत्‍म कर दिया गया है। आज यह सेक्‍टर,  बल की उत्‍कृष्‍टता और वीरता की विरासत को कायम रखते हुए स्थिरता और शांति के प्रतीक के रूप में खड़ा है।

      अपनी परिचालन और प्रशासनिक जिम्‍मेदारियों को पूरा करते हुए, यह सेक्‍टर निरंतर ना‍गरिक कार्रवाई कार्यक्रमों के माध्‍यम से स्‍थानीय जनता के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए गहराई से प्रतिबद्ध है। यह पहल समावेशी सुरक्षा और सामुदायिक विश्‍वास में हमारे विश्‍वास को रेखांकित करती है।

      क्षेत्र के चुनौतीपूर्ण भूभाग और जलवायु के बावजूद परिचालन जोरहाट सेक्‍टर राज्‍य पुलिस, सेना और अन्‍य सुरक्षा बलों के साथ घनिष्‍ठ समन्‍वय बनाकर आतंकवाद विरोधी अभियानों में सबसे आगे है। इस सेक्‍टर ने लगातार उल्‍लेखनीय परिचालन सफलताएं हासिल की हैं, जो क्षेत्र की आंतरिक सुरक्षा संरचना में महत्‍वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

जय हिंद।