लाइबेरिया मिशन
संयुक्त राष्ट्र के विशेष अनुरोध एवं भारत सरकार/गृह मंत्रालय के निर्देश पर महिला केरिपुबल कार्मिकों के साथ पूरी तरह से गठित महिला पुलिस इकाई (एफ.एफ.पी.यु.) को फरवरी 2007 के दौरान संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के रूप में संघर्ष से जुझ रहे (Strife Torn) अफ्रीकन राष्ट्र में लाईबेरिया में तैनात किया गया।
वहां 23 राष्ट्रों की तैनाती में केवल भारत ही ऐसा राष्ट्र था जिसके पास एक विशिष्ट महिला सैन्य टुकड़ी थी। यह पुलिस की एकमात्र महिला सैन्य टुकड़ी थी, जिसे संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के तहत किसी कार्रवाई के लिए भेजा गया।
संयुक्त राष्ट्र मिशन के अंतर्गत यह तैनाती अभी भी जारी है तथापि अब इसमें एक पुरूष सैन्य दस्ता भी शामिल किया गया है। प्रत्येक सैन्य टुकड़ी की तैनाती की अवधि एक वर्ष है। वर्तमान में महिला सैन्य टुकड़ी का 8वां बैच और पुरूष सैन्य टुकड़ी की 5वीं सैन्य टुकड़ी लाईबेरिया में तैनात है।

पूरी तरह से गठित महिला पुलिस इकाई (एफ.एफ.पी.यु.) को निम्नानुसार सम्मिलित किया गया है :-
- विदेश मंत्रालय, लाईबेरिया के राष्ट्रपति के मुख्यालय का सुरक्षा कवच
- यू.एन.पी.ओ.एल. व एल.एन.पी. (लाईबेरिया राष्ट्रीय पुलिस) के साथ मोबाईल संयुक्त कार्य बल गश्ती (जे.टी.एफ;पी.) एवं किसी भी आपात स्थिति के दौरान जवाबी कार्रवाई करना।
- जिम्मेदारी के क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए लाईबेरिया राष्ट्रीय पुलिस के साथ पैदल गश्त करना।
- त्वरित कार्रवाई – एल.एन.पी. मुख्यालय में डयूटी हेतु तैयार रहना।
- हिंसा की आशंका वाले क्षेत्रों में डकैती विरोधी गश्त
- घेराबंदी और तलाशी सहित विशेष अभियान
- यू.एन.एम.आई.एल. कर्मचारियों एवं परि संपत्तियों का संरक्षण।